अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न (एफएक्‍यू) – प्रधान मंत्री आवास योजना - सीएलएसएस

 

 

 

संपत्ति संरचना में वयस्क महिला की सदस्यता जरूरी है। यदि परिवार में वयस्क महिला सदस्य नहीं है, तो यह संपत्ति केवल परिवार के पुरुष सदस्य के नाम पंजीकृत की जा सकती है।

  • ईडब्लूएस-एलआईजी के लिए पति/पत्नी और अविवाहित बच्चे परिवार/घर को लाभार्थी बनाते हैं।
  • एमआईजी के लिए पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे।
  • अलग-अलग कमाऊ वयस्क सदस्य (विवाहित स्थिति का ख्याल किये बिना) पृथक परिवार माना जाता है।

आईआईएफएल एचएफएल क्रेडिट पॉलिसी के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेजों को शाखा अधिकारी के पास जमा करने की जरूरत होती है। दस्तावेजों में निम्नलिखित शामिल है:

  • परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
  • नोटरीकृत शपथ पत्र सह उपक्रम अनिवार्य है

यदि परिवार के पास अपना पक्का घर नहीं है, तो वह परिवार की वार्षिक आय, शहर और उससे सटे संपत्ति जैसी अतिरिक्त योग्यता के साथ योजना के अंतर्गत अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है.

अनुदान राशि को अवधि के साथ समायोजित नहीं किया जायेगा। केवल मूलधन को समायोजित करने से अनुदान पर प्रभाव पड़ेगा। इसके बाद किश्त की राशि प्रभावित होगी।

  • आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार संपत्ति या क्षेत्र के ईडब्लूएस/एलआईजी के लिए न्यूनतम/अधिकतम मूल्य की कोई सीमा नहीं है.
  • एमआईजी 1 और 2 - क्रमशः 160 वर्गमीटर और 200 वर्गमीटर क्षेत्र तक

नहीं. सीएलएसएस के अंतर्गत वह लाभ नहीं ले सकता, क्योंकि उसकी पत्नी के पास लाभार्थी परिवार/घर के अंतर्गत पहले ही से अपनी संपत्ति है.

योजना में उल्लेखित है कि, लाभ पाने वाले परिवार के पास उसके नाम से या परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से भारत के किसी भी हिस्से में अपना पक्का घर नहीं होना चाहिये। ऐसे में वह इस मिशन के अंतर्गत केंद्रीय सहायता पाने के योग्य नहीं है।

इसलिए, लाभार्थी परिवार के पास पहले से दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठापन, प्लॉट, फैक्ट्री है, लेकिन पक्का घर नहीं है, यह पहले घर के स्वामित्व के योग्यता मानदंड को स्पष्ट करता है।

 

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