FAQs

 

 

यदि आप एक भारतीय नागरिक हैं और आपकी उम्र 18 से 75 वर्ष के बीच है, और नौकरीपेशा हैं या आपका स्वयं का रोजगार है, तो आप IIFL होम फाइनेंस लिमिटेड से होम लोन प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सह-आवेदक का होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सह-आवेदक के होने से लोन के लिए आपकी पात्रता और लोन को मंज़ूरी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। यदि आप निजी रूप में आवदेन करते हैं तो आपके माता-पिता, आपका जीनवसाथी या फिर आपके व्यस्क बच्चों में से कोई आपका सह-आवेदक बन सकता है। आपकी संपत्ति के सह-मालिक का सह-आवेदक होना ज़रूरी है लेकिन आपके सह-आवेदक के लिए संपत्ति का सह-मालिक होना ज़रूरी नहीं है। पार्टनरशिप फर्म, एलएलपी और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी जैसी गैर-व्यक्तिगत इकाइयां भी सह-आवेदक बन सकती हैं।

आप यहां क्लिक करके. होम लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हमारी दस्तावेज़ों की प्रक्रिया काफी सरल है और हम होम लोन के लिए तुरंत मंजूरी देते हैं। अधिक सहायता के लिए आप हमारे टोल फ्री नंबर 08067264687 पर कॉल भी कर सकते हैं।

‘इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट’ यानि ‘समान मासिक किश्त’ को ईएमआई कहा जाता है। यह आपके होम लोन को चुकाने के लिए हर महीने एक निश्चित तारीख को किया जाने वाला भुगतान है जिसे लोन की पूरी राशि वापस होने तक देना ज़रूरी है। ईएमआई की गणना इस प्रकार की जाती है कि लोन लेने के शुरुआती सालों में आपके द्वारा किए गए भुगतान की राशि में ब्याज का हिस्सा अधिक और मूल ऋण राशि का हिस्सा काफी कम होता है। जबकि लोन अवधि के दौरान बाद के सालों में मूल ऋण राशि का हिस्सा ब्याज के हिस्से से अधिक हो जाता है। हम सबसे सस्ती दरों पर होम लोन प्रदान करते हैं जिसका मतलब है कि IIFL होम फाइनेंस लिमिटेड के होम लोन पर आपकी ईएमआई तुलनात्मक रूप से काफी कम होगी और यह आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा।

जब आप अपने होम लोन के एक हिस्से का लाभ उठाते हैं तो होम लोन की पूरी स्वीकृत राशि मिलने तक आपसे केवल उस छोटे हिस्से पर ही ब्याज लिया जाता है। लोन के आंशिक भुगतान की राशि पर लिए जाने वाले इस ब्याज को प्री-ईएमआई इंट्रेस्ट कहा जाता है।

बाज़ार मूल्य उस संपत्ति का उचित मूल्य है जिसे आप लोन का लाभ उठाने के एवज में हमारे पास सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखते हैं। हमारी विशेष टीम बाज़ार की मौजूदा स्थिति और ट्रेंड के आधार पर इस मूल्य की गणना करती है।

हां। आयकर अधिनियम 1961 के तहत आप अपने होम लोन की मूल राशि और ब्याज के हिस्सों पर टैक्स लाभ लेने के पात्र हैं। चूंकि मिलने वाले लाभ हर साल भिन्न हो सकते हैं इसलिए आपके लोन पर मिलने वाले टैक्स लाभ के संबंध में हमारे टैक्स सलाहकार से बात करें।

एक ऐसी संपत्ति को निर्माणाधीन संपत्ति कहा जाता है जिसके निर्माण की प्रक्रिया चल रही हो। जब आप ऐसी किसी ‘निर्माणाधीन संपत्ति’ में अपनी प्रॉपर्टी बुक करते हैं तो आपको भविष्य में एक निश्चित तारीख पर कब्जा मिलता है।

जब आप एक निर्माणाधीन रियल एस्टेट प्रॉपर्टी खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं, तो हम खरीद के लिए लोन का भुगतान निर्माण की प्रगति के आकलन के आधार पर किस्तों में करते हैं। ज़रूरी नहीं है कि यह भुगतान डेवलपर के समझौते के अनुसार हो। हम आपको सलाह देंगे कि आप डेवलपर के साथ ऐसा समझौता करें जिसमें भुगतान निर्माण कार्य से जुड़ा हो न कि समय-सीमा के आधार पर किया जाना तय हो।

घर की कुल कीमत और आपके द्वारा लिए गए होम लोन की राशि के बीच के अंतर को स्वयं का योगदान कहा जाता है। यह वो राशि होती है जिसका भुगतान घर घरीदने के लिए आप अपनी जेब से करते हैं।

आम तौर पर हमारे द्वारा फाइनेंस की जा रही संपत्ति को ही सुरक्षा गारंटी के रूप में गिरवी रखा जाता है या/और ज़रूरत के मुताबिक कोई अतिरिक्त/अंतरिम सुरक्षा गारंटी मांगी जाती है। यह बेहद ज़रूरी है कि आप सुनिश्चित करें कि संपत्ति के अधिकार स्पष्ट, बिक्री योग्य और विवादों से मुक्त हों। लोन के आवेदन के समय संपत्ति पहले से गिरवी न हो या संपत्ति से जुड़ा कोई अन्य लोन या मुकदमा न चल रहा हो जो संपत्ति पर अधिकारों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता हो।

  • वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाला एक भारतीय नागरिक एनआरआई होम लोन के लिए पात्र है।
  • होम लोन आवेदक के पासपोर्ट पर नो एंट्री का स्टाम्प नहीं होना चाहिए जो एनआरआई आवेदक को देश में प्रवेश करने से रोकता है।
  • एनआरआई आवेदक के पास तब वैध एंट्री वीज़ा के साथ पासपोर्ट होना चाहिए जब वो आवेदन करने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाला हो।
  • पीआईओ/ओसीआई के लिए, संबंधित देश के पासपोर्ट के अतिरिक्त, वैध पीआईओ/ओसीआई कार्ड जमा किया जाना भी ज़रूरी है।

होम लोन का आवेदन करने वाले एनआरआई को इन देशों में रहना या कार्यरत होना चाहिए:

  • उत्तर अमेरिका – अमेरिका और कनाडा
  • मध्य पूर्व के देश – संयुक्त अरब अमीरात (केवल दुबई, शारजाह और अबू धाबी) रियाद, बहरीन, मस्कट
  • पूर्व एशिया के देश – सिंगापुर, मलेशिया, हॉन्ग कॉन्ग, जापान, थाईलैंड
  • सभी यूरोपियन देश (स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल और इटली को छोड़कर)
  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड
  • हां, सभी एनआरआई होम लोन्स में निवासी भारतीय पीओए होना अनिवार्य है, भले ही आवेदन के समय एनआरआई आवेदक भारत में मौजूद हो या न हो।
  • पति/पत्नी पीओए धारक नहीं हो सकता/सकती है।
  • भारत का निवासी सह-ऋणधारक पीओए हो सकता है।
  • पीओए सह-आवेदक हो सकता है लेकिन अगर लोन के लिए पहले से सह-आवेदक मौजूद हो तो पीओए का सह-आवेदक होना अनिवार्य नहीं है।
 

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