अर्थव्यवस्था के लिए रुपया सबसे बड़ी चिंता का विषय है
| मुंबई, भारत
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फिलहाल ज्यादातर विश्लेषकों और विशेषज्ञों का मानना है कि दरों में कटौती उतनी आक्रामक नहीं हो सकती क्योंकि मुद्रा के नियंत्रण से बाहर जाने का खतरा है और इससे मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहेगी।