समाचार कवरेज
'आईपीएल से जुड़े मुद्दे जल्द ही भुला दिए जाएंगे।'
22 मई, 2017, 05:30 IST
| मुंबई, भारत
इकोनॉमिक टाइम्स - मुंबई | मुंबई | 06 जुलाई 2015 13:37 IST 2014 में जो हुआ वह भावनाओं का संगम था? पिछली सरकार से निराश लोग और मोदी में उम्मीद देखने वाले लोग एक साथ आए और यह फैसला संभव हो सका। यह फैसला अपने आप में निराशा का नुस्खा था। एक वर्ष के भीतर प्रत्येक आशा या वादे को पूरा करना मानवीय रूप से संभव नहीं था।