प्रधानमंत्री आवास योजना से सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव

Oct 30, 2018 7:00 IST 4252 views

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं में प्रमुख है। इस योजना के द्वारा भारत वर्ष में कुल 2 करोड़ नये घरों का लक्ष्य साल 2022 तक पूरा किया जाएगा। यह योजना मुख्यत: कमज़ोर वर्ग तथा निम्न आय वर्ग समूह के परिवारों को स्वयं का घर प्रदान करने हेतु लागू की गई है। क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS - PMAY - शहरी) के तहत, इसका लाभ मध्यम आय समूह (MIG) को भी प्रदान किया गया है।


PMAY को कार्यान्वयन के लिए दो भागों में बांटा गया है जो प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी) और (ग्रामीण) हैं।

PMAY - शहरी के तहत, कुल 1 करोड़ शहरी घरों का निर्माण किया जाना है। 15 सितंबर, 2018 तक सरकार ने 54 लाख शहरी घरों को मंजूरी दे दी है।

आकृति 1: Urban Houses Sanctioned – Total 54 Lakhs Sanctioned till date

स्रोत: Ministry of Housing & Urban Affairs

आकृति 2: स्रोत - Ministry of Housing & Urban Affairs

प्रधान मंत्री आवास योजना - ग्रामीण के तहत, कुल 99,19,151 ग्रामीण घरों का निर्माण किया जाना है। 17 सितंबर, 2018 तक सरकार ने 91,64,261 ग्रामीण घरों को मंजूरी दे दी है। जिनमें से 48,66,119 घरों का निर्माण पूरा हो गया है।

आकृति 3: स्रोत - Ministry of Rural Development

प्रधान मंत्री आवास योजना के साथ सरकार की कई अन्य योजनायें भी जोडी गई हैं जो कि निम्न प्रकार हैं।

1. स्वच्छ भारत अभियान -घरों में शौंचालयों के बढ़ावा देने के लिए चलाया गया है तथा इसके तहत खुले में शौंच की समस्या का भी निदान होता है। साथ ही ये अभियान, गलियों, सड़कों और घरों के आसपास सफ़ाई बनाए रखने का सामाजिक संदेश भी देता है।

2. सौभाग्य योजना - इस योजना के तहत पुराने तथा नये आवासीय घरों में बिजली प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

3. उज्ज्वला योजना - इस योजना के तहत पुराने तथा नये घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

4. शुद्ध पेय जल की सुलभता - इस योजना के तहत सरकार पुराने तथा नये, शहरी या ग्रामीण आवासों में शुद्ध पेय जल मुहया कराने के लिए संकल्पित है।

5. प्रधान मंत्री जन धन योजना - इस योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को बैंक खाता खोलने की सुविधा प्राप्त कराई गयी। प्रधान मंत्री आवास योजना - द्वारा पाई गई सहायता सीधा बैंक खाते में सरकार द्वारा दी जाती है।

PMAY - शहरी के भाग जो सामाजिक परिवर्तन ला रहे हैं

  • झोपड़पट्टीयों को हटाकर, वहां पर आवासीय घर बनाए गए तथा वहां पर स्वच्छ सुविधायें जैसे की पार्क, स्कूल इत्यादि प्रदान किए गए। जिससे वहा रहनेवाले लोगों के सामाजिक जीवन में बदलाव आया, बिमारीयों से निजात मिली तथा अच्छे जीवन की कामना कर पाये। इसके अलावा, झोपड़पट्टी पुनर्वास कार्यक्रम के तहत आवंटित घर 1 लाख रुपये सस्ता होते हैं।
  • सार्वजनिक एवं निजी सेक्टरों के साथ भागीदारी में किफ़ायती आवास - सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में परिवारों को आवास प्रदान कर रही है। इस मॉडल में भूमि निजी विकासक या सरकार के स्वामित्व में होती है तथा इसे सरकार/ निजी विकासक द्वारा विकसित किया जाता है।  परिणामस्वरूप, समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों एवं निम्न आय समूह के लोगों के लिए किफ़ायती आवासन संभव हुआ है और उन्हें 1.5 लाख रुपये की बचत करने में सहायता मिली है। इस धन का उपयोग बच्चों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास, आदि के लिए किया जा सकता है।
  • लाभार्थी द्वारा निर्माण - परिवार जहाँ विवाहित बेटे के पास अपना अलग कमरा नहीं है। तंग स्थितियों में रहने वाले संयुक्त परिवार जहाँ सभी लोग एक ही घर में रहते हैं, वे खुले प्लाट में अतिरिक्त कमरे बनाकर मौजूदा घर को बड़ा कर सकते हैं। ऐसे परिवार इस मिशन के अंतर्गत एक नए घर के निर्माण या मौजूदा घर की वृद्धि के लिए, डेढ़ लाख रुपये (1.5) तक केंद्रीय सहयोग प्राप्त कर सकते हैं।
  • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से कमज़ोर वर्गों के लिए आवास ऋण पर 2.67 लाख, रुपये तक की सब्सिडी सब्सिडी प्रदान की जाती है।

नीचे उल्लेखित सफलता की कहानी दर्शाती है कि (CLSS) किस प्रकार से सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्षम हुई है:

एक पेंशनभोगी भूतपूर्व-सैनिक जो निजी सेक्टर में नियुक्त है गृह ऋण के लिए आवेदन करता है। अपने जीवन में उसने एक ही सबसे रोमांचित क्षण का अनुभव किया था और वह था अपने घर का मालिक बनना। उसने दूसरों को किराया देने की बजाय एक ऐसी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी को ईएमआई का भुगतान किया जिसके सहयोग से उसे उसके सपनों का आशियाना हासिल हुआ था। योग्यता मापदंडों के आधार पर ग्राहक को गृह ऋण पर कुल मिलाकर 2.20 लाख रुपये की सब्सिडी मिली जिसे मूल बकाया राशी से घटा दिया गया और फलस्वरूप ईएमआई में और कमी आ गई जिससे प्रति माह 2300 रुपये (लगभग) की बचत हुई।

इस 2300/- रुपये से हितधारक अपने बेटे के लिए फ़ुटबॉल किट की व्यवस्था कर सका और ऊर्जा कप अंडर 19 टीम में खेलने के लिए कोचिंग शुल्क का भुगतान कर पाया। सब कुछ प्रधान मंत्री आवास योजना की बदौलत संभव हुआ!!!

उपर्युक्त उदाहरण सामाजिक उत्थान को दर्शाता है।

परिवार की एक वयस्क महिला सदस्य इतनी धनराशी की बचत कर सकती है और इस धनराशी का उपयोग अपने बढ़ते हुए बच्चों के लिए एक बेहतर कल बनाने में कर सकती है। इस धन का उपयोग बच्चों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास, आदि के लिए किया जा सकता है।

Radial Diagram

आकृति 4: Social & Economic Development

PMAY के द्वारा स्किल इंडिया प्रोग्राम तथा मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिला है। स्वयं का घर बनाने हेतु स्किल इंडिया प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण भी सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। PMAY के भीतर अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अल्प संख्यको आदि को प्राथमिकता प्रदान की जाती है।

PMAY के द्वारा आवास सेक्टर में अब तक उल्लेखनीय विकास हो चुका है। अर्थव्यवस्था में आवास सर्वाधिक महत्वपूर्ण सहयोगियों में से एक है जो असंख्य सहायक उद्योगों को समर्थन एवं हज़ारों-लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार प्रदान कर रहा है। हाउसिंग फाइनेंस कम्पनियाँ, सीमेंट निर्माता (सीमेंट की कुल माँग का दो-तिहाई भाग आवास से ही आता है), प्रकाश/ पंखों के सप्लायर, अचल संपत्ति विकास, प्लाईवुड निर्माता, मोल्डेड फर्नीचर, टाइल/सैनीटरीवेयर कम्पनियाँ, स्विचगियर निर्माता, शिक्षा, ऊर्जा निर्माण, आदि लाभार्थी हैं। हर एक घर बनने से लेकर खंडहर होने तक कई सौ रोज़गार पैदा करता है। जैसे मज़दूर, मिस्त्री, बढ़ाई, प्लम्बर, खलासी इत्यादी।
 

आकृति 5: Composition of cost in PMAY-G house  - स्रोत: Impact Of PMAY - Gramin (PMAY-G) On Income And Employment by National Institute Of Public Finance And Policy New Delhi

शहरों में विशाल प्रवासी जनसंख्या के कारण वहाँ किफ़ायती खंड में आवास की माँग बढ़ गई है।
इसके अलावा ग्रामीण भारत में आवास की भारी मांग है। केंद्रीय बजट 2017-18 में किफ़ायती आवास को अत्यावश्यक माना गया और डेवलपरों को एक्सटर्नल कर्मशियल बडोइंग (ECB) की सहयता प्रदान की गयी। अफोर्डेबल हाउसिंग (किफ़ायती आवास) को इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस प्रदान करने से ऋण लागत में कमी आई है इसके फलस्वरूप बचत राशी का कुछ लाभ, आवास ख़रीदारों को दिया जा रहा है और इससे आवासीय मांग में वृद्धि आयी है।

PMAY के सहयोग से हम वर्ष 2022 तक एक परिवर्तित राष्ट्र देखने की आशा कर सकते हैं जो अधिकांश रूप से विकसित होगा, जहाँ प्रत्येक भारतीय के पास स्वच्छ जीवन सहित अपना सपनों का आशियाना होगा।

(इस लेख में लेखक के विचार उनके निजी विचार हैं और ज़रूरी नहीं है कि वे उन संस्थानों के विचारों को भी प्रतिबिंबित करें जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं)

लेखक: विनय यादव

विनय यादव कानूनी अनुपालन प्रबंधन में उचित ज्ञान रखते हैं। ‘प्रधान मंत्री आवास आवास योजना (पीएमए शहरी) – 2022’ के तहत उनकी विशेषज्ञता कानूनी जोखिम विश्लेषण, सिस्टम कार्यान्वयन, परामर्श सेवाएं और सरकारी योजनाओं के निष्पादन, विशेष रूप से क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) में निहित है।

Request a Callback

Submit

Start SIP with as low as Rs 500/- by investing in funds recommended by the experts. Open a mutual funds account with IIFL today!

Invest Now

May I Help You

Submit